शनिवार, 4 अक्तूबर 2014

जीवन में सपने!

बगैर 
सपनों की नींद नहीं होती, 
बगैर नींद के 
सपने नहीं होते। 
कोई कितना भी दावा करे, 
कि उसकी  नींद में
सपने नहीं होते। 
अगर नींद है तो 
सपने भी निहित है। 
..........................................
यह इसी तरह
सच है 
जैसे  
जीवन है,
तो सपने है,
सपने है 
तो जीवन है।। 

3 टिप्‍पणियां:

Anil Tiwari ने कहा…

Thanks for Such a nice Poem !!

Anil Tiwari ने कहा…

Thanks for Such a nice Poem !!

प्रतिभा कुशवाहा ने कहा…

dhanywad anil ji