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February, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक दबाव ग्रुप के रूप में उभरें महिलाएं

पिछले दिनों वार्षिक ब्लॉग मीट-2014 यानि "Annual Bloggers Meet, 2014" में जाना हुआ, जहां एक बहुत ही अनोखा और उत्सावर्द्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। अनोखा इसलिए था कि इस बार हम ‘ब्लॉग मीट’ में हम ब्लॉग या किसी वैकल्पिक मीडिया के बारे में चर्चा करने के लिए इकटठे नहीं हुए थे जैसे कि अमूमन हम ब्लॉगर अक्सर इकट्ठा होकर रायशुमारी करते रहते थे, बल्कि इस ब्लॉग मीट में हम ऐसी समस्याओं या मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एकजुट हुए थे जो देष की आजादी से लेकर अभी तक हमें परेषान किये हुए हैं। हम सभी ब्लॉगर मित्रों को प्रमुख रूप से चार विषय चर्चा करने के लिए दिये गये। ये चार विषय थे- पहला, सांप्रदायिक सौहार्द कैसे बनाए, युवा शक्ति दोहन और उत्थान, महिला की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी, सरकार के कामकाज में पारदर्षिता। आपसी चर्चा के बाद अपने अपने विचार भी देने को कहा गया, जो इस बात को आगे बढाये कि इन सभी समस्याओं से हम कैसे उबर सकते हैं। या फिर हम इन मुद्दों से निपटने के लिए क्या निवारक उपाय अपना सकते है। वैसे यह विशिष्ट कार्यक्रम "A Billion Ideas" की तरफ से आयोजित था।
मैंने इन सभ…

इस वसंत में

प्रेम जानने के लिए
खरीद लाई
प्रेम विशेषांक
प्रेम के सभी महाविशेषांक
प्रेम में पकी कविताएं
प्रेम पर लिखी सभी कहानियों के
हर शब्द को
पढ़ा मैंने
गुना मैंने
चखा मैंने
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फिर भी
पैदा नहीं  कर पाई
कोई प्रेम विज्ञान
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पर आज
एक बच्चे की
मासूम मुस्कान ने
फूलों से सिंचे रस जैसा
शहद  बना दिया
मेरे ओठों पर
बगैर किसी
मधुमास के।